मांगलिक दोष — सच क्या है, भ्रम क्या है?

10 जुलाई 2026 · 6 मिनट

सूर्य सिद्धांत की पांडुलिपि

विवाह की बात चलते ही सबसे पहला डर — 'कुंडली मांगलिक तो नहीं?' सच यह है कि मंगल की केवल स्थिति देखकर दोष घोषित कर देना अधूरी गणना है। (नमूना लेख — वास्तविक सामग्री आचार्य जी के मार्गदर्शन में लिखी जाएगी।)

मंगल दोष कुंडली के 1, 4, 7, 8 और 12वें भाव में मंगल की उपस्थिति से माना जाता है — किंतु शास्त्रों में ही इसके अनेक अपवाद (भंग) भी बताए गए हैं, जिन्हें अधिकतर लोग नहीं देखते।

इसलिए किसी निष्कर्ष से पहले पूर्ण कुंडली मिलान आवश्यक है — गुण, ग्रह-मैत्री और दशा-संयोग सहित। डर से नहीं, गणना से निर्णय लीजिए।

इस विषय में आपकी अपनी कुंडली क्या कहती है?

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