पू
पूजा एवं अनुष्ठान
जहाँ कुंडली में गंभीर दोष या बाधा हो, वहाँ शास्त्रोक्त विधि से पूजा और अनुष्ठान ही समाधान है। आचार्य जी स्वयं — वैदिक ब्राह्मण परंपरा के अनुसार — ग्रह-शांति पूजा, नवग्रह जाप और बहु-दिवसीय मंत्र अनुष्ठान संपन्न करते हैं। कोई मध्यस्थ नहीं, कोई दिखावा नहीं।
इसमें क्या-क्या हैWHAT'S INCLUDED
- नवग्रह शांति पूजा
- काल सर्प / मांगलिक / पितृ दोष निवारण
- बहु-दिवसीय मंत्र जाप एवं अनुष्ठान
- पूजा की तिथि, विधि और संकल्प की पूरी जानकारी

अवधि
आवश्यकतानुसार
शुल्क (नमूना)
परामर्श से तय
किनके लिए
- कुंडली में दोष पाया गया है
- किसी विशेष मनोकामना के लिए अनुष्ठान चाहिए
- घर/व्यवसाय में लगातार बाधाएँ हैं


